इंदौर / होम क्वारेंटाइन जरूरी पर सुविधा भी देखें; मरीज के 17 परिजन को होस्टल में शिफ्ट किया, पर बिजली-पानी नहीं

स्वास्थ्य विभाग कोरोना के मरीजों के परिवार को आइसोलेट करने की इतनी मुस्तैदी दिखा रहा है कि आधी रात को ही सभी को घरों से ले जाकर दूर रखा जा रहा है।  बुधवार को खजराना क्षेत्र में जिस 70 वर्षीय महिला में कोरोना की पुष्टि हुई, उसके घर शुक्रवार रात करीब तीन बजे विभाग की टीम पहुंच गई और बच्चे व महिलाओं सहित 17 परिजनों को 20 किमी दूर असरावद खुर्द के होस्टल में ले जाकर बंद कर दिया। वहां न बिजली थी न पानी।



इस महिला के परिवार में 18 सदस्य हैं। एक को यही लक्षण थे। ऐसे में उन्होंने शहर के सभी बड़े अस्पतालों में भर्ती होना चाहा। एम्बुलेंस नहीं मिली। प्रशासन से शिकायत की। इसके बाद टीबी अस्पताल बुलवाया। वहां दो घंटे इंतजार करने के बाद रात 12 बजे घर लौट गए। घर में ही ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाया। इसके बाद विभाग ने शहर से 20 किमी दूर असरावद खुर्द में आंगनवाड़ी केंद्र के पास आदिवासी विकास विभाग के होस्टल में भेज दिया। सुबह रिश्तेदार उनके लिए खाने का सामान और बच्चों के लिए दूध व बिस्किट लेकर पहुंचे। परिजन का कहना है कि सुबह जब हम गए तो वहां ताला लगा था।



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